अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो बर्फबारी (Snowfall) का मज़ा लेने के लिए Switzerland जाने के सपने देखते हैं, तो ठहरिए। आपको हज़ारों मील दूर जाने की ज़रूरत नहीं है। भारत के उत्तराखंड में एक ऐसी जगह है, जिसे दुनिया ‘Skiing Capital of India’ के नाम से जानती है। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं—औली (Auli) की।
हिमालय की गोद में बसा औली सिर्फ एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है जो आपकी रूह को तरोताज़ा कर देता है। चाहे आप Adventure junkie हों या फिर Nature lover, औली हर किसी के लिए एक परफेक्ट गेटवे (Perfect Gateway) है।
Timely Bharat के इस विशेष आर्टिकल में हम आपको औली की हर छोटी-बड़ी जानकारी देंगे—वहाँ कैसे पहुँचें, कब जाएँ, और वहाँ जाकर क्या करें। तो चलिए, चलते हैं हिमालय के इस सफेद स्वर्ग की सैर पर।
Auli: जहाँ कुदरत मेहरबान है (Geography & Significance)

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित औली, समुद्र तल से करीब 2,800 मीटर (9,200 फीट) से लेकर 3,050 मीटर की ऊँचाई पर बसा है। गढ़वाली भाषा में इसे ‘औली बुग्याल’ कहा जाता है, जिसका मतलब है ‘घास का मैदान’ (Meadow)।
गर्मियों में यहाँ मखमली हरी घास के मैदान होते हैं और सर्दियों में यही मैदान बर्फ की मोटी सफेद चादर ओढ़ लेते हैं। यहाँ से हिमालय की कुछ सबसे ऊँची चोटियाँ जैसे नंदा देवी (Nanda Devi), माना पर्वत और कामेट पर्वत का जो नज़ारा दिखता है, वो आपको और कहीं नहीं मिलेगा। नंदा देवी भारत की दूसरी सबसे ऊँची चोटी है, और औली से इसका दीदार करना अपने आप में एक ‘Spiritual Experience’ जैसा है।
Note: औली को दुनिया भर में इसके वर्ल्ड-क्लास स्कीइंग स्लोप्स (Skiing Slopes) के लिए जाना जाता है। यहाँ नेशनल और इंटरनेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप्स का आयोजन भी होता है।
Top 5 Places to Visit in Auli: यहाँ नहीं गए तो क्या देखा?

औली सिर्फ बर्फ नहीं है, यहाँ घूमने के लिए कई शानदार जगहों की भरमार है। यहाँ की Top Attractions की लिस्ट कुछ इस तरह है:
1. औली आर्टिफिशियल लेक (Auli Artificial Lake)

यह दुनिया की सबसे ऊँचाई पर बनी मानव-निर्मित झीलों (Man-made lakes) में से एक है। सरकार ने इसे इसलिए बनवाया था ताकि कम बर्फबारी होने पर स्कीइंग स्लोप्स के लिए आर्टिफिशियल बर्फ बनाई जा सके। लेकिन आज यह जगह एक प्रमुख फोटो स्पॉट बन गई है। नीले पानी की झील और उसके पीछे हिमालय की सफेद चोटियाँ—यह नज़ारा Instagram-worthy है।
2. औली रोपवे (Auli Ropeway/Cable Car)
अगर आपने औली जाकर रोपवे की सवारी नहीं की, तो आपकी ट्रिप अधूरी है। यह एशिया के सबसे लंबे और ऊँचे रोपवे में से एक है।
- Route: जोशीमठ (Joshimath) से औली तक।
- Distance: लगभग 4 किलोमीटर।
- Experience: यह सफर करीब 20-25 मिनट का होता है। हवा में झूलते हुए नीचे ओक (Oak) और देवदार के घने जंगल और सामने हिमालय का विशाल रूप देखकर आपकी सांसे थम जाएंगी। इसे ‘Gondola Ride’ भी कहा जाता है।
3. गोरसों बुग्याल (Gorson Bugyal)
अगर आप ट्रैकिंग के शौकीन हैं, तो गोरसों बुग्याल आपके लिए है। औली से करीब 3 किलोमीटर का आसान ट्रैक करके आप यहाँ पहुँच सकते हैं। यह एक विशाल घास का मैदान है जहाँ से त्रिशूल पीक और नंदा देवी का 360-degree view मिलता है।
- Pro Tip: यहाँ जाने के लिए सुबह का समय सबसे बेस्ट है।
4. छत्राकुंड (Chattrakund)
औली से थोड़ी दूरी पर, घने जंगलों के बीच स्थित यह एक छोटी सी मीठे पानी की झील (Sweet water lake) है। यह जगह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो भीड़भाड़ से दूर शांति (Peace) की तलाश में हैं।
5. नंदा देवी व्यू पॉइंट
जैसा कि नाम से ही साफ है, यहाँ से नंदा देवी पर्वत का सबसे साफ और भव्य नज़ारा दिखता है। सुबह के समय जब सूरज की पहली किरणें बर्फ से ढकी चोटी पर पड़ती हैं, तो वो सोने की तरह चमकने लगती है। इस ‘Golden Hour’ को मिस करना भारी भूल होगी।
Activities in Auli: एडवेंचर का असली मज़ा
औली को भारत का Skiing Paradise कहा जाता है, लेकिन यहाँ करने के लिए और भी बहुत कुछ है:
- Skiing (स्कीइंग): चाहे आप बिगिनर (Beginner) हों या एक्सपर्ट, यहाँ सबके लिए स्लोप्स मौजूद हैं। GMVN (Garhwal Mandal Vikas Nigam) यहाँ स्कीइंग कोर्सेज भी चलाता है जो 7 से 14 दिनों के होते हैं। आप यहाँ लोकल वेंडर्स से स्कीइंग गियर किराए पर ले सकते हैं और इंस्ट्रक्टर की मदद से स्कीइंग सीख सकते हैं।
- Trekking: गोरसों बुग्याल के अलावा, आप यहाँ से कुवारी पास (Kuari Pass) ट्रेक के लिए भी जा सकते हैं।
- Camping: तारों से भरे आसमान के नीचे, बर्फ या घास के मैदान पर कैंपिंग करना एक अलग ही अनुभव है। गर्मियों में यहाँ कैंपिंग का ट्रेंड काफी बढ़ जाता है।
- Bird Watching: औली के आसपास के जंगलों में कई दुर्लभ हिमालयी पक्षी पाए जाते हैं।
Best Time to Visit: कब जाएँ औली?
औली जाने का सही समय इस बात पर निर्भर करता है कि आप वहाँ क्या देखना चाहते हैं।
- For Snow & Skiing (सर्दियाँ: दिसंबर से फरवरी): अगर आपको बर्फबारी देखनी है और स्कीइंग करनी है, तो यह बेस्ट टाइम है। जनवरी और फरवरी में यहाँ कई फीट तक बर्फ जम जाती है। तापमान -8°C तक गिर सकता है, इसलिए भारी ऊनी कपड़े (Heavy Woolens) साथ रखना न भूलें।
- For Nature & Relaxation (गर्मियाँ: अप्रैल से जून): अगर आप दिल्ली-एनसीआर या मैदानी इलाकों की भीषण गर्मी से बचना चाहते हैं, तो गर्मियों में औली आएं। मौसम बेहद सुहावना होता है (15°C – 20°C)। हरियाली और फूलों से ढके बुग्याल आपका मन मोह लेंगे।
- Monsoon (जुलाई से सितंबर): मानसून में यहाँ जाने से बचें। उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों में लैंडस्लाइड (Landslide) का खतरा रहता है।
How to Reach Auli: कैसे पहुँचें?
औली कनेक्टिविटी के मामले में थोड़ा चैलेंजिंग हो सकता है, लेकिन सफर का रोमांच ही इसकी खासियत है।
- By Air (हवाई मार्ग): सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट Jolly Grant Airport, Dehradun है। यहाँ से औली की दूरी लगभग 280 किलोमीटर है। एयरपोर्ट से आप टैक्सी किराए पर ले सकते हैं, जिसमें करीब 8-9 घंटे लगते हैं।
- By Train (रेल मार्ग): सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश (Rishikesh) या हरिद्वार (Haridwar) है। ऋषिकेश से औली (जोशीमठ) की दूरी करीब 260 किलोमीटर है। स्टेशन के बाहर से आपको बस और टैक्सी आसानी से मिल जाएगी।
- By Road (सड़क मार्ग): दिल्ली से औली की दूरी लगभग 500 किलोमीटर है। Route: Delhi -> Haridwar -> Rishikesh -> Devprayag -> Rudraprayag -> Karnaprayag -> Joshimath -> Auli. जोशीमठ पहुँचने के बाद, आप या तो रोपवे ले सकते हैं या फिर सड़क मार्ग (16 km) से औली जा सकते हैं। ध्यान रहे, सर्दियों में सड़क पर बर्फ होने के कारण गाड़ियाँ ऊपर तक नहीं जातीं, तब रोपवे ही एकमात्र साधन होता है।
Where to Stay & Budget: कहाँ रुकें?
औली में रुकने के लिए लिमिटेड ऑप्शन्स हैं, इसलिए पीक सीजन में पहले से बुकिंग (Pre-booking) करना समझदारी है।
- GMVN Ski Resort: यह सरकारी गेस्ट हाउस है और लोकेशन के मामले में सबसे बेस्ट है। यहाँ रुकना काफी किफायती (Budget-friendly) है, लेकिन बुकिंग महीनों पहले फुल हो जाती है।
- Private Resorts: यहाँ कुछ लक्ज़री रिसॉर्ट्स भी हैं जैसे Cliff Top Club, जो शानदार व्यू और सुविधाएँ देते हैं, लेकिन ये थोड़े महंगे हो सकते हैं।
- Joshimath: अगर औली में रूम न मिले, तो आप जोशीमठ में रुक सकते हैं। वहाँ होटल्स के बहुत सारे और सस्ते विकल्प मौजूद हैं। आप दिन में औली घूमकर रात को जोशीमठ वापस आ सकते हैं।
Estimated Budget: एक 3 दिन की ट्रिप के लिए (ex-Delhi), अगर आप बजट में ट्रेवल कर रहे हैं, तो प्रति व्यक्ति खर्च लगभग ₹10,000 – ₹15,000 आ सकता है।
Aaj Tak Travel Tips: ज़रूरी बातें
सफर पर निकलने से पहले इन बातों को गांठ बांध लें:
- Altitude Sickness: औली काफी ऊँचाई पर है, इसलिए कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत या सिरदर्द हो सकता है। अपने साथ ज़रूरी दवाइयां रखें और खुद को Hydrated रखें।
- Cash is King: औली में ऊपर एटीएम (ATMs) की सुविधा सीमित हो सकती है। बेहतर होगा कि आप जोशीमठ से ही पर्याप्त कैश निकालकर ले जाएं।
- Connectivity: BSNL और Jio का नेटवर्क यहाँ सबसे बेहतर काम करता है।
- Clothing: चाहे गर्मी हो या सर्दी, एक हल्की जैकेट ज़रूर साथ रखें क्योंकि शाम को मौसम ठंडा हो जाता है। सर्दियों में Snow Boots और वाटरप्रूफ जैकेट अनिवार्य हैं।
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Conclusion: हमारा नज़रिया
औली सिर्फ एक डेस्टिनेशन नहीं, बल्कि भारत की प्राकृतिक सुंदरता का एक नायाब नमूना है। जहाँ स्विट्जरलैंड जाने के लिए आपको लाखों खर्च करने पड़ते हैं, वहीं औली आपको कम बजट में वो ही ‘Snowy Magic’ देता है।
चाहे आप दोस्तों के साथ एडवेंचर प्लान कर रहे हों, फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम बिताना चाहते हों, या फिर हनीमून के लिए एक रोमांटिक जगह ढूंढ रहे हों—औली आपको निराश नहीं करेगा। तो फिर इंतज़ार किस बात का? अपना बैग पैक कीजिए और निकल पड़िए पहाड़ों की रानी, औली की ओर।
Timely Bharat की सलाह: अपनी ट्रिप को कम से कम 3-4 दिन का रखें ताकि आप बिना हड़बड़ी के इस जन्नत का आनंद ले सकें।













