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Mahashivratri 2026: 15 फरवरी को शिव भक्तों के लिए खास दिन! जानिए शुभ मुहूर्त, 4 प्रहर की पूजा विधि और क्यों खास है इस बार की शिवरात्रि

On: February 14, 2026 9:59 PM
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Mahashivratri 2026: 15 फरवरी को शिव भक्तों के लिए खास दिन! जानिए शुभ मुहूर्त, 4 प्रहर की पूजा विधि और क्यों खास है इस बार की शिवरात्रि

Mahashivratri 2026- हर हर महादेव! शिव भक्तों के लिए साल का सबसे बड़ा त्योहार यानी ‘महाशिवरात्रि’ अब बस आने ही वाला है। 2026 में भोलेनाथ की यह ‘Great Night’ 15 फरवरी, रविवार को मनाई जाएगी। चूंकि इस बार महाशिवरात्रि Weekend (रविवार) को पड़ रही है, तो मंदिरों में double excitement और भीड़ होने की पूरी उम्मीद है। अगर आप भी महादेव को प्रसन्न करना चाहते हैं और व्रत रखने का plan बना रहे हैं, तो पूजा का सही मुहूर्त और विधि जानना बहुत जरूरी है।

आइए जानते हैं इस महाशिवरात्रि की complete details, जो आपके व्रत को सफल बनाएगी।

Mahashivratri 2026- कब है महाशिवरात्रि और पूजा का Best Time?

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी 2026 को शाम 5:04 बजे शुरू होगी और अगले दिन यानी 16 फरवरी को शाम 5:34 बजे समाप्त होगी। चूंकि शिवरात्रि की मुख्य पूजा रात में (निशीथ काल) होती है, इसलिए यह पर्व 15 फरवरी को ही मनाया जाएगा।

नोट कर लें पूजा के शुभ मुहूर्त (New Delhi Time): महादेव की पूजा के लिए ‘निशीथ काल’ सबसे powerful माना जाता है।

  • निशीथ काल पूजा: 16 फरवरी, रात 12:09 AM से 01:01 AM तक।
  • व्रत पारण (Fast breaking time): 16 फरवरी, सुबह 6:42 AM से दोपहर 3:10 PM तक।

चार प्रहर की पूजा: शिव कृपा की गारंटी

मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर रात भर जागकर चार प्रहर की पूजा करने से इंसान के सारे पाप धुल जाते हैं। यहाँ देखें चारों प्रहर का schedule:

  1. पहला प्रहर: 15 फरवरी, शाम 6:01 से रात 9:09 तक।
  2. दूसरा प्रहर: रात 9:09 से 16 फरवरी, 12:17 AM तक।
  3. तीसरा प्रहर: 16 फरवरी, 12:17 AM से सुबह 3:25 तक।
  4. चौथा प्रहर: 16 फरवरी, सुबह 3:25 से 6:33 तक।

Step-by-Step पूजा विधि: ऐसे करें भोलेनाथ को प्रसन्न

मंदिर में भीड़ हो या घर पर पूजा करनी हो, इस simple विधि को follow करें:

  • संकल्प और अभिषेक: सबसे पहले स्नान करके clean कपड़े पहनें (हो सके तो सफेद)। शिवलिंग का जलाभिषेक करें। फिर ‘पंचामृत’ (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) चढ़ाएं।
  • भोलेनाथ का श्रृंगार: महादेव को चंदन का तिलक लगाएं और सफेद वस्त्र अर्पित करें।
  • सबसे जरूरी चीज़: शिवजी को बेलपत्र (जिसमें तीन पत्तियां हों और कटा-फटा न हो), धतूरा और भांग चढ़ाएं। यह उन्हें सबसे प्रिय है।
  • आरती और मंत्र: ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते रहें। घी का दीपक जलाएं, भोग लगाएं और अंत में कपूर से आरती करें।

इस बार क्या है Special?

2026 की महाशिवरात्रि इसलिए भी खास है क्योंकि यह रविवार (Sunday) को है। छुट्टी का दिन होने के कारण working professionals और students भी पूरी रात जागरण और पूजा में शामिल हो सकेंगे। शास्त्रों के अनुसार, निशीथ काल में शिवलिंग का प्राकट्य हुआ था और इसी रात शिव-पार्वती का विवाह भी माना जाता है। इस बार ग्रहों का योग ऐसा है कि सच्चे मन से की गई पूजा immediately फलदायी होगी।

तो तैयार हो जाइए, शिव भक्ति में डूबने के लिए। जय शंभू!

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