Shivpuri Hospital News- शिवपुरी के लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। मरीजों के भारी दबाव से जूझ रहे जिला अस्पताल को डॉ. मोहन यादव सरकार ने ‘बूस्टर डोज’ दिया है। 3 दिसंबर को हुई स्वास्थ्य विभाग की बैठक में 200 नए बेड्स की मंजूरी मिल गई है। लेकिन, इस खुशखबरी के साथ एक बड़ी चुनौती भी सामने आई है— मौजूदा अस्पताल में पैर रखने की भी जगह नहीं है, तो ये नए बेड लगेंगे कहां?
प्रशासन ने अब इसका तोड़ निकालते हुए शहर से दूर एक नई और भव्य बिल्डिंग बनाने का प्लान तैयार किया है।
Shivpuri Hospital News कैपेसिटी से ज्यादा लोड, सिस्टम हुआ ‘ओवरलोड’

साल 1951-52 में स्थापित और 1958 से शुरू हुआ यह अस्पताल अब अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा भार उठा रहा है। हकीकत यह है कि अस्पताल में 400 बेड स्वीकृत हैं, लेकिन मौके पर 632 बेड संचालित हो रहे हैं।
सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. यादव के मुताबिक, 2.60 हेक्टेयर का मौजूदा कैंपस अब छोटा पड़ गया है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शासन को पत्र लिखा था, जिसके बाद यह Approval मिला है।
अब 6 किमी दूर बनेगी ‘स्पेशल विंग’
चूंकि पुराने कैंपस में एक ईंट रखने की भी जगह नहीं है, इसलिए प्रशासन ने शहर से 6 किलोमीटर दूर बड़ौदी के पास नई बिल्डिंग बनाने का फैसला लिया है।
- लोकेशन: सर्किल जेल के सामने, थीम रोड।
- जमीन की मांग: सिविल सर्जन ने करीब 5 बीघा सरकारी जमीन के आवंटन के लिए 17 नवंबर 2025 को आवेदन किया है।
- स्टेटस: जमीन का मामला फिलहाल कलेक्टर कोर्ट में है। आवंटन होते ही बजट प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
सिर्फ महिलाओं और बच्चों के लिए होगा नया अस्पताल
प्रस्तावित नई बिल्डिंग को पूरी तरह से Maternity और Pediatric Wing के रूप में विकसित किया जाएगा।
- नई बिल्डिंग में सिर्फ महिलाओं और बच्चों के इलाज की व्यवस्था होगी।
- डॉक्टरों के लिए आवास (Quarters) भी यहीं बनाए जाएंगे।
- अस्पताल के बाकी विभाग मौजूदा बिल्डिंग में ही चलते रहेंगे।
Timely Bharat का नजरिया (Takeaway): 1958 में सिर्फ 60 बेड से शुरू हुआ शिवपुरी जिला अस्पताल आज लाखों लोगों की लाइफलाइन है। नए बेड की मंजूरी एक बड़ा कदम है, लेकिन असल फायदा जनता को तब मिलेगा जब जमीन आवंटन की फाइल रफ्तार पकड़ेगी और नई बिल्डिंग धरातल पर उतरेगी।
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