Startup India FoF 2.0- अगर आप भी अपना Startup शुरू करने का सपना देख रहे हैं या अपने existing business को next level पर ले जाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं है। PM नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में Union Cabinet ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए Startup India Fund of Funds 2.0 (FoF 2.0) को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत ₹10,000 करोड़ का भारी-भरकम बजट allocate किया गया है, जो Indian Startup Ecosystem में नई जान फूंकने का काम करेगा।
क्या है यह Fund of Funds 2.0(Startup India FoF 2.0)?
यह फैसला 13 फरवरी, 2026 को लिया गया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल—यह Fund of Funds आखिर है क्या? आसान भाषा में समझें तो सरकार सीधे आपके स्टार्टअप में पैसा नहीं लगाएगी, बल्कि यह पैसा Alternative Investment Funds (AIFs) को दिया जाएगा। ये AIFs फिर आगे चलकर होनहार और innovative Startups में invest करेंगे। इसे आप ‘फंड्स का फंड’ कह सकते हैं, जो market में high-risk funding gap को भरने का काम करेगा।
सरकार का Focus कहां है?

इस बार सरकार का focus सिर्फ E-commerce या simple Apps पर नहीं, बल्कि ‘Solid Technology’ पर है। FoF 2.0 के मुख्य targets कुछ इस तरह हैं:
- Deep-Tech पर जोर: अब AI, Robotics, Space Tech, और Clean Energy जैसे deep-tech क्षेत्रों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता मिलेगी।
- Manufacturing को बढ़ावा: Tech-driven manufacturing startups, जो ‘Make in India’ को strong बना सकते हैं, उन्हें funding की कमी नहीं होगी।
- Beyond Big Cities: पैसा सिर्फ बेंगलुरु, दिल्ली या मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार Tier-2 और Tier-3 शहरों के founders तक पूंजी पहुँचाना चाहती है।
- Long-term Capital: ऐसे startups जो फंडिंग की कमी से शुरूआती दौर में ही दम तोड़ देते थे, उन्हें अब patient capital (लंबे समय के लिए निवेश) मिलेगा।
पुराने फंड से कितना अलग है यह?
साल 2016 में लॉन्च हुए पहले Fund of Funds (FoF 1.0) ने कमाल कर दिया था। उसने 1,370 से ज्यादा startups में लगभग ₹25,500 करोड़ का निवेश करवाया। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा DPIIT-recognized startups हैं और 100 से ज्यादा Unicorns (1 अरब डॉलर से ज्यादा वैल्यू वाली कंपनियां) बन चुके हैं।
FoF 2.0 इसी सफलता को और बड़ा करने के लिए लाया गया है। इसका सीधा मकसद ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को reality बनाना है, ताकि हम technology में दुनिया पर निर्भर न रहें बल्कि दुनिया को lead करें।
निष्कर्ष (Conclusion)
कुल मिलाकर बात यह है कि Indian Entrepreneurs के लिए यह ‘Golden Era’ है। सरकार ने ₹10,000 करोड़ का खजाना खोल दिया है, ताकि innovation पैसों की तंगी की वजह से न रुके। अगर आपके पास भी कोई unique idea है, खासकर deep-tech या manufacturing में, तो अब गियर बदलने का समय आ गया है। सरकार backing के लिए तैयार है, अब बारी आपकी है!










