How Wheelocity Raised ₹82 crore to reach India’s Village: भारत में जब भी स्टार्टअप की बात आती है लोगों के दिमाग में फूड डिलीवरी, ई-कॉमर्स, AI कंपनी की तस्वीर आने लगती हैं। आमतौर पर यह सारे स्टार्टअप बड़े शहरों में ही देखे जाते हैं। लेकिन Wheelocity नाम की एक स्टार्टअप कंपनी ने शहरों की जगह गांव को अपना बाजार बनाया है और हाल ही में निवेशकों ने इस कंपनी में करोड़ों रुपए का दांव भी लगा लिया है।
इसी के बाद से हर कोई यही पूछ रहा है कि How Wheelocity Raised ₹82 crore to reach India’s Village मतलब किस प्रकार व्हीलोसिटी ने करीबन 10 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की है? ऐसी कौन सी रणनीति है जिसने निवेशकों को इतना भरोसा दिलाया है? कैसे एक स्टार्टअप बिजनेस गांव में बिजनेस के अवसर उपलब्ध करवा रहा है?
How Wheelocity Raised ₹82 crore to reach India’s Village आखिर यह करता क्या है?
Wheelocity एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो गांव तक ताजी सब्जियां पहुंचने का काम करता है। हालांकि व्हीलोसिटी खुद सब्जी उगाने वाली कोई कंपनी नहीं है। बल्कि यह और सप्लाई चेन को मैनेज कर रहा है। भारत में आज भी गांव के किसानों को अपनी सब्जियां बेचने के लिए बिचौलियों से कांटेक्ट रखना पड़ता है। इससे किसानों को कम दाम मिलते हैं और ग्राहकों तक यह सामान काफी महंगा होकर पहुंचता है।
Wheelocity इसी समस्या को खत्म कर रहा है। व्हीलोसिटी किसानों से सीधे उनके सप्लाई खरीद रहा है। इसे वेयरहाउसिंग, लोकल कलेक्शन सेंटर और छोटे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए बाजार तक उपलब्ध करवा रहा है। Wheelocity की सप्लाई चेन इतनी मजबूत है कि यह गांव और छोटे कस्बो में रोजाना सब्जियां पहुंचा रहा है जिसकी वजह से किसानों को भी अच्छा दाम मिलता है और ग्राहकों को भी यह सब्जियां कम दाम में मिलने लगी है।
How Wheelocity Raised ₹82 crore to reach India’s Village आखिर निवेशकों को इसमें क्या दिखा ?
भारत की एक बहुत बड़ी आबादी आज भी गांव में बसी हुई है। इन क्षेत्रों में आज भी समय पर चीज नहीं पहुंचती। जिसकी वजह से आज भी स्थानीय लोगों को सब्जियां और अन्य उत्पाद खरीदने के लिए लोकल मंडियों में जाना पड़ता है। इन मंडियों में ना ही ज्यादा विकल्प उपलब्ध होते हैं और ना ही सही दाम पर चीज मिलती है। ऐसे में इन क्षेत्रों में एग्रीकल्चर प्रोडक्ट और FMCG प्रोडक्ट्स की मांग हमेशा ज्यादा रहती है।
व्हीलोसिटी ने इसी बात को ध्यान में रखकर सड़क इंटरनेट और डिजिटल पेमेंट की सहायता से गांव और कस्बों में ई-कार्ट सर्विस शुरू की है। व्हीलोसिटी के इस विजन की वजह से निवेशकों को भी यह प्रोजेक्ट काफी फायदेमंद लग रहा है। निवेशकों को अब लग रहा है कि अगर ग्रामीण सप्लाई चेन को टेक्नोलॉजी की मदद से बेहतर बनाया जाए तो गांव में यह बहुत बड़ा बिजनेस बनकर उभर सकता है इसी वजह से वीडियो सिटी मॉडल में निवेश बढ़ रहा है।
Wheelocity की सबसे बड़ी स्ट्रेटजी क्या है ?
- Wheelocity केवल एक e-commerce ऐप बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन्होंने फिजिकल नेटवर्क और टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल किया है गांव में इन्होंने स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से प्रोडक्ट्स को इलाकों में पहुंचाया है।
- क्योंकि यहां स्टोर खोलना कोई प्रैक्टिकल सॉल्यूशन नहीं है इसलिए इन्होंने छोटे वितरण केंद्र तैयार किए हैं।
- व्हीलोसिटी ने पूरा ध्यान रखा है कि सही समय पर सही क्वालिटी की चीजें लोगों तक पहुंचे ताकि लोगों का भरोसा व्हीलोसिटी पर बरकरार रहे।
- कंपनी नई टेक्नोलॉजी के आधार पर इन्वेंटरी मैनेजमेंट इत्यादि का पूरा ध्यान रखा है ।
- यह कंपनी Tier 2 और Tier 3 ग्रामीण बाजारों पर पूरा ध्यान दे रही है।
आखिर Wheelocity ने गांव को ही क्यों चुना ?
- गांव में अक्सर ताजी सब्जियां आसानी से उपलब्ध होती है, लेकिन व्हीलोसिटी का उद्देश्य केवल गांव के लोगों को सब्जियां बेचना नहीं है इसका उद्देश्य है किसानों से सब्जियां सीधे रूप से खरीद कर उन्हें उचित दाम देना है।
- छोटे व्यापारी और दुकानदारों तक यह सब्जियां सही सलामत पहुंचाना है ताकि वे इन सब्जियों को लोगों तक पहुंचा सके।
- साथ ही छोटे व्यापारियों के पास अन्य प्रकार के प्रोसेस्ड फूड, किराना आइटम्स उपलब्ध कराना।
- इस पूरे प्रक्रिया में व्हीलोसिटी ध्यान रखती है कि खराब होने वाले उत्पादों की बर्बादी कम हो सब्जियों की क्वालिटी बरकरार रहे।
- आने वाले समय में व्हीलोसिटी पूरे ग्रामीण सप्लाई नेटवर्क को बेहतर बनाने का प्लान कर रही है जहां केवल सब्जियां नहीं बल्कि अन्य जरूरी सामान भी काट के माध्यम से बेचे जाएंगे।
इस 82 करोड़ के फंड का इस्तेमाल कैसे होगा ?
How Wheelocity Raised ₹82 crore to reach India’s Village सवाल का जवाब साफ है, हाल ही में निवेशकों ने इस कम्पनी में 82 करोड़ इन्वेस्टमेंट की है।
- इस पैसे से वेलोसिटी नए राज्यों में विस्तार करेगी।
- ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करेगी।
- अपने वेयरहाउस नेटवर्क को मजबूत करेगी और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म को बेहतर करेगी।
- साथ ही व्हीलोसिटी आने वाले समय में नए कर्मचारियों की भर्ती करने की प्लानिंग भी कर रही है।
How Wheelocity Raised ₹82 crore to reach India’s Village यह केवल एक फंडिंग की कहानी नहीं है, बल्कि यह इस बात का उदाहरण है कि कैसे ग्रामीण बाजार में भी अब स्टार्टअप दिलचस्पी ले रहे हैं। ग्रामीण बाजार अब निवेशकों और स्टार्टअप कंपनी दोनों के लिए महत्वपूर्ण होने लगा है।
व्हीलोसिटी ने जहां किसानों के बारे में सोचा है वहीं स्थानीय लोगों की परेशानियों का हल भी निकाला है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में निवेशक इस कंपनी में और रुचि लेंगे और इस मॉडल को और विस्तार मिलेगा








